तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए, तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए, तुम एक बार रूठ कर तो देखो, मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए। आज मैंने खुद से एक वादा किया है, माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है, हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ, अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है। धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं, हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं, आंसू निकल आये जब वो याद आ गए, जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं। तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी, तुम्हारे बिना चिरागों में रौशनी न रहेगी, क्या कहें क्या गुजरेगी दिल पर ऐ दोस्त, जिंदा तो रहेंगे लेकिन ज़िंदगी न रहेगी। दर्द गैरों को सुनाने की ज़रूरत क्या है, अपने साथ औरों को रुलाने की ज़रूरत क्या है, वक्त यूँही कम है मोहब्बत के लिए, रूठकर वक्त गंवाने की ज़रूरत क्या है।