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 मोह्बत और नफरत दोनों तराजू का दो पलड़ा हैं....

हम जब साथ होते है तो मोह्बत का पलड़ा भारी होता हैं

और जब बिछड़ जाते है तो नफरत का...

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तेरी हर हकीकत जानते हुए भी मैंने तुझे चाहा था .............. क्या कमी हुआ मेरे इश्क में जो तुझे तो बस जाना था................
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