अब ना दिल को किसी की आदत हो
अब ना दिल को किसी की आदत हो
अब ना फिर से कभी मोहब्बत हो
अब ना दिल को किसी की आदत हो
अब ना फिर से कभी मोहब्बत हो
इतनी भी ख़्वाहिश ना रही
किसी से चाहत हो
तेरी मुझको ना अब ज़रूरत हो
तेरी मुझको ना अब ज़रूरत हो
अब ना फिर से कभी मोहब्बत हो
दर्द के साये में
मिलती अब राहत है
तेरी तमन्ना नहीं
तुझसे जुदा होके सीखा अब जीना है
एक तू ज़रूरी नहीं
इतनी भी ख़्वाहिश ना रही
किसी की हसरत हो
दिल पे तेरी ना अब हुकूमत हो
दिल पे तेरी ना अब हुकूमत हो
अब ना फिर से कभी मोहब्बत हो
अब ना दिल को किसी की आदत हो
अब ना फिर से कभी मोहब्बत हो

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